Thinking
"Thinking" (विचार शक्ति) हर क्रिया की मैनूफ्स्टेशन हमारे मस्तिष्क में चलने वाले विचारों से होती है विचार मस्तिष्क में दो प्रकार से चलते हैं पांचो इंद्रियों से मिलकर मस्तिष्क में स्वत् उत्पन्न होने वाले विचार दूसरे स्वयं अपनी इच्छा से बनाए हुए विचार अक्सर इंसान जब अपनी इच्छा से विचार चलाता है तो उन विचारों में डर और संशय को शामिल कर लेता है क्योंकि इंसान का मन यह कह रहा होता है कि ऐसे कैसे हो सकता है ऐसे होना संभव नहीं तुम नया घर कैसे खरीद सकते हो तुम्हारे पास तो इतने अधिक रूपए भी नहीं और फिर भविष्य में वही परिणाम हमें प्राप्त होता है जरा सोचिए ह्यूमन साइकोलॉजी ने तो पूर्ण रूप से अपने सिद्धांतों पर कार्य किया बाद में हम कहते हैं कि अरे यह सिद्धांत काम नहीं करते तो जरा सोचें कि कितने समय हमारे मन में पॉजिटिव विचार चलें और कितने समय नेगेटिव विचार माना इंसान को किसी कार्य में परिणाम प्राप्त करने के लिए सौ प्रतिशत ऊर्जा की जरूरत है जो इंसान पॉजिटिव सोचने पर भी परिणाम को प्राप्त नहीं कर पाता तो समझिए वह ( - 100) में था और अब जीरो पर आ गया है ऐसे इंसा...